Famous Filmy Dialogues of Udaan

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छोटी छोटी चितराई यादें, बिछी हुयी है लम्हो की लॉन पे नंगे पैर उनपर चलते चलते इतनी दूर आ गये है की अब भूल गये है जूते कहाँ उतरे थे एडी कोमल थी जब आए थे, थोड़ी सी नाज़ुक है अभी भी और नाज़ुक ही रहेगी इन खट्टी मीठी यादों की शरारत जब तक इन्हे गुदगुदती रहे सच भूल गये है जूते कहाँ उतारे थे पर लगता है की अब उनकी ज़रूरत नही

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मेरी तरह होता अगर खुद पर ज़रा भरोसा, तो कुछ दूर तुम भी साथ साथ आते रंग मेरी आँखों का बाँटते ज़रा सा, तो कुछ दूर तुम भी साथ साथ आते नशा आसमान का जो चूमता तुम्हे, हसरतें तुम्हारी नया जन्म पाती खुद दूसरे जन्म में मेरी उड़ान छूने, कुछ दूर तुम भी साथ साथ आते

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हर बाल की खाल की यह चाल भी खा जाए इसके हाथ पढ़ जाए तो महीने साल भी खा जाए किसी बहाल का बचा हाल जो हाल खा जाए बेमौत मरते मॅन का यह मलाल खा जाए लालू का लाल खा जाए, नक्सेल बारी की नाल खा जाए, बचपन का धमाल खा जाए, बुढ़ापे की शॉल खा जाए हया तो चोदो बहाया की चाल भी खा जाए और अगर परोसा जा सके तो ख़याल भी खा जाए

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जो लहरों से आगे नज़र देख पाती, तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ वो आवाज़ तुमको भी जो भेद जाती, तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ ज़िद का तुम्हारे जो परदा सरकता, खिड़कियों से आगे भी तुम देख पाते आँखों से आदतों की जो पलके हटते, तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ

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