Motivational Hindi Story on Anger: समय पर क्रोध


पितामह भीष्म के जीवन का एक ही पाप था कि उन्होंने समय पर क्रोध नहीं किया …और

जटायु के जीवन का एक ही पुण्य था कि उसने समय पर क्रोध किया. परिणामस्वरुप …………….

एक को बाणों की शैय्या मिली और एक को प्रभु श्री राम की गोद.

अतः क्रोध भी तब पुण्य बन जाता है जब वह धर्म और मर्यादा के लिए किया जाए.

और सहनशीलता भी तब पाप बन जाती है जब वह धर्म और मर्यादा को ना बचा पाये।

Moral: In life we need to take decisions on right time. Delaying decisions may prove to be wrong in longer run.

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